Desk News 4 सितंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) इस वर्ष मानसून जिले पर मेहरबान रहा है, सामान्य से 171 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज हुई है। जिले में 15 जून से मानसून प्रारम्भ हुआ। इस साल एक जून से 4 सितम्बर तक जिले में 1125 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई।
जबकि जिले में औसत 655 मिमी बारिश होती है। जिले में सभी छोटे बड़े बांध शत-प्रतिशत भर चुके है। राज्य सरकार के आपदा प्रबन्धन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा अतिवृष्टि एवं बाढ़़ से क्षतिग्रस्त सार्वजनिक परिसम्पतियों के नुकसान होने पर उनके तात्कालिक रिपेयर व रेस्टोरेशन के लिए एसडीआरएफ नोर्म्स के अर्न्तगत टोंक जिले में सड़क, पुल, बांध, नहर, स्कूल, आंगनबाडी, पंचायत भवनो के लिए 33 करोड़ 47 लाख 76 हजार रूपए के 1647 कार्य स्वीकृत किए हैं।
मानसून वर्ष 2025 में अत्यधिक वर्षा, बाढ़ से क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत के लिए जिला कलक्टर टोंक से प्राप्त प्रस्तावों के तहत एसडीआरएफ ने सड़क, पुलिया, बांध व नहर मरम्मत एवं क्षतिग्रस्त विद्यालय, आंगनबाड़ी तथा पंचायत भवनों के लिए 33 करोड़ 47 लाख 76 हजार रूपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति गुरुवार को जारी कर दी है। जिला कलक्टर कल्पना अग्रवाल ने सभी सम्बन्धित विभागों को निविदा प्रक्रिया जारी कर एसडीआरएफ नोर्म्स के अनुसार 30 दिन में इन कार्यो को पूरा करने के निर्देश दिए है।
इनमें सड़क, पुलिया, बांध व नहर मरम्मत के लिए 11 करोड़ 17 लाख 76 हजार रुपए की स्वीकृति मिली है। एसडीआरएफ से टोंक जिले में अतिवृष्टि एवं बाढ़ से प्रभावित हुई सड़क, पुलिया, बांध व नहर मरम्मत के कुल 596 कार्यो के लिए 11 करोड़ 17 लाख 76 हजार रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। जबकि क्षतिग्रस्त विद्यालय, आंगनबाड़ी तथा पंचायत भवनों के लिए 22 करोड़ 30 लाख रुपए की राशि की स्वीकृति मिली।
एसडीआरएफ से टोंक जिले में अतिवृष्टि एवं बाढ़ से प्रभावित हुए विद्यालय, आंगनबाड़ी तथा पंचायत भवनों मरम्मत के कुल 1051 कार्यो के लिए 22 करोड़ 30 लाख रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हुई है।


