Friday, April 24, 2026
No menu items!
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeAdministrationजन्म से 21 वर्ष तक बेटी का साथ निभाएगी लाडो प्रोत्साहन योजना

जन्म से 21 वर्ष तक बेटी का साथ निभाएगी लाडो प्रोत्साहन योजना

एक अगस्त से लागू


Desk News 2 अगस्त (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) गरीब परिवार में जन्म लेने वाली बालिकाओं के पालन-पोषण की चिंता अब नहीं होगी। बालिका जन्म पर जन्म से वयस्क होने तक बालिकाओं के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार ने लेखानुदान घोषणा के बिंदु संख्या 34 में लाडो प्रोत्साहन योजना लागू करने की घोषणा की है।

यह योजना एक अगस्त से पूरे प्रदेश में लागू हो चुकी है। योजना में गरीब परिवार की बालिकाओं के जन्म पर एक लाख रुपए का सेविंग बॉण्ड राज्य सरकार की ओर से दिया जाएगा। जन्म लेने वाली बालिकाओं के पालन-पोषण के साथ ही उनके लिए शिक्षा एवं स्वास्थ्य की सुविधाएं राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सीएम भजन लाल शर्मा ने लाडो प्रोत्साहन योजना लागू की हैं। योजना से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा और मातृ मृत्यु दर के साथ ही बालिका शिशु मृत्यु दर में भी कमी आएगी। साथ ही बालिकाओं का विद्यालय में नामांकन एवं ठहराव भी बढ़ेगा। माता-पिता उनकी पढ़ाई जल्दी नहीं छुडवाएंगे और जल्दी शादी भी नहीं करवा सकेंगे। 

लाडो प्रोत्साहन योजना में यह मिलेगा

योजना में बालिका के जन्म पर एक लाख रुपए राशि का संकल्प पत्र दिया जाएगा। बालिका के जन्म से लेकर 21 वर्ष आयु पूरी करने तक राशि का भुगतान 7 किस्तों में डीबीटी के माध्यम में ऑनलाइन किया जाएगा। पहली छह किश्तें बालिका के माता-पिता अथवा अभिभावक के बैंक खाते में तथा 7वीं किश्त बालिका के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से ऑनलाइन हस्तांतरित की जाएगी। राजश्री योजना को लाडो प्रोत्साहन योजना में समाहित करते हुए इस योजना की आगामी किस्त का लाभ पात्रतानुसार लाडो प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत देय होगा।

विभिन्न चरणों में देय होगी यह राशि

पात्र चिकित्सा संस्थानों में संस्थागत प्रसव के तहत बालिका का जन्म होने पर पहली किस्त 2500 रुपए, एक वर्ष की आयु एवं समस्त टीकाकरण होने पर दूसरी किश्त 2500 रुपए, राजकीय विद्यालय या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय में पहली कक्षा में प्रवेश लेने पर तीसरी किश्त 4000 रुपए, छठी कक्षा में प्रवेश लेने पर चौथी किश्त 5000 रुपए, 10वीं कक्षा में प्रवेश लेने पर पांचवी किश्त 11,000 रुपए, 12वीं कक्षा में प्रवेश लेने पर छठी किश्त 25,000 रुपए तथा स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण करने एवं 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 7वीं किश्त 50 हजार रुपए बालिका के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर होगी।

योजना की पात्रता व प्रक्रिया

योजना की पात्रता के तहत बालिका का जन्म राजकीय चिकित्सा संस्थान अथवा जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाय) के लिए अधिस्वीकृत निजी चिकित्सा संस्थान में होना आवश्यक है। वहीं प्रसूता का राजस्थान की मूल निवासी होना भी जरूरी है। गर्भवती महिला की एएनसी जांच के दौरान राजस्थान की मूल निवासी होने का प्रमाण-पत्र देना होगा।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

%d