Monday, April 20, 2026
No menu items!
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeBusinessदेवली में मासिक बंद का असर बेअसर, खुल गई दुकानें

देवली में मासिक बंद का असर बेअसर, खुल गई दुकानें

महासंघ की अपील का भी नहीं पड़ा फर्क


Deoli News 30 अप्रैल (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) व्यापार महासंघ देवली की ओर से हर माह के अंतिम मंगलवार को बाजार बंद रखने का निर्णय आज बेअसर रहा। इस दरमियान महासंघ की अपील को दरकिनार कर समूचे बाजार खुल गए।

उल्लेखनीय है कि व्यापार महासंघ देवली की ओर से हर माह अंतिम मंगलवार बाजार बंद रखने का निर्णय किया था। उक्त निर्णय की शुरुआत के कुछ महीनो में क्रियान्वित्ती हुई। लेकिन इसके बाद यह निर्णय धीरे-धीरे बेअसर साबित होने लगा। लिहाजा मौजूदा माह के मंगलवार को शहर के सभी बाजारों में सभी तरह के प्रतिष्ठान खुल गए। व्यापारियों ने महासंघ के निर्णय को बेअसर कर दिया। दरअसल इसकी एक वजह यह भी है कि महासंघ की ओर से किसी माह बाजार खोलने का निर्णय किया जाता है तथा किसी माह बंद रखने का। ऐसे में व्यापारी उक्त निर्णय से संतुष्ट नहीं है। जबकि महासंघ का तर्क है कि सीजन वाले अंतिम मंगलवार को बाजार खोलने की पूर्व में सहमति दी गई थी। पिछले कुछ माह से अंतिम मंगलवार बंद रखने का निर्णय धीरे-धीरे बेसर साबित होने लगा।

शहर के मुख्य बाजार, पटवा बाजार, ममता सर्कल, चर्च रोड, नगर पालिका क्षेत्र, पेट्रोल पंप, गौरव पथ समेत प्रमुख क्षेत्र में स्थित दुकान खुल गई। वही इस होड़ में बंद रखने वाले व्यापारियों ने भी अपने प्रतिष्ठान खोल लिए। उनका कहना है कि जब बाजार पूरी तरह बंद नहीं है तो वह भी अपने प्रतिष्ठान क्यों बंद रखें। इनमें शहर की मिठाइयों की दुकान कभी बंद नहीं हुई।

जरूरी खबर पढ़े – एलपीजी गैस कनेक्शन धारक ई-केवाईसी कराएं

यह रही मुख्य कमी

दरअसल उक्त निर्णय के पीछे व्यापारियों के असंतुष्ट होने का मुख्य कारण यह रहा कि अब तक अंतिम मंगलवार को बंद का निर्णय सामूहिक रूप से लागू नहीं हुआ। कम से कम 5 से 10 प्रतिशत दुकान शहर में इस निर्णय के बावजूद खुली रही। यह प्रतिशत धीरे-धीरे बढ़ता चला गया। जिससे अन्य दुकानदारों में नाराजगी है। उन दुकानदारों का कहना है कि जब तक पूरा बाजार बंद नहीं होगा। यह निर्णय कारगर साबित नहीं हो सकता।

यदि कुछ दुकानदार अपने प्रतिष्ठान खोलेंगे तथा बाकी बंद रखेंगे तो उन्हें इससे नुकसान होगा। नतीजन एक के बाद एक दुकान खुलती चली गई तथा इस माह का बाजार बंद बेअसर दिखने लगा है। व्यापारियों का आरोप है कि सभी दुकानदारों से सहमति लिए बगैर महासंघ स्वेच्छा से बंद रखना तथा खोलने का निर्णय लेता है। जबकि इस संबंध में व्यापारियों तथा उनके संगठनों से राय लेना चाहिए, ताकि सर्वसम्मति के आधार पर यह निर्णय जारी रह सके। व्यापारियों का कहना है कि महासंघ अपनी सुविधा के अनुसार बंद व खोलने का निर्णय कर लेता है, जो कि गलत है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

%d