Deoli News 30 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) कथावाचक बसंत ने कहा कि व्यक्ति को अहंकार नहीं करना चाहिए। अहंकार, बुद्धि और ज्ञान का हरण कर लेता है। अहंकार ही मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। वे चौथे दिन की कथा कर रहे थे।
उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया। श्रीकृष्ण की जन्म कथा का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। श्रीकृष्ण जन्म उत्सव पर नन्द के आनंद भयो जय कन्हैयालाल की भजन प्रस्तुत किया तो श्रद्धालु भक्ति में जमकर झूमे। श्रीकृष्ण जन्म की बधाईयां दी गई। वहीं खिलौने और मिठाईयां बांटी गई। कथा महोत्सव में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भजन प्रस्तुत कर भगवान श्री कृष्ण के जन्म की खुशियां मनाई। कान्हा के बाल रूप पर पुष्प वर्षा की गई। उन्होंने कहा कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती हिलने लगी तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। सात संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुई तो उसे इस संतान से मृत्यु का भय सताने लगा। कथावाचक ने श्री कृष्ण जन्मोत्सव के दौरान सृष्टि पर बने वातावरण का वर्णन किया।



