Deoli News 2 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) महाशिवरात्रि के साथ ही शहर निवासी लोग व युवा चंग व ढोल की थाप पर फागुन के गीत व भजन गाकर परंपरा व संस्कृति निभा रहे हैं। यह लोग प्रतिदिन बस स्टैंड परिसर स्थित दुकान के चबूतरे पर रात साढ़े 8 बजे से 11 बजे तक फाल्गुन के गीत गा रहे हैं।
गत महाशिवरात्रि से यह क्रम जारी किया गया है। चंग की थाप पर भजनों के बोल फागुन की मस्ती को बयां कर रहे हैं। होलिया में उड़े रे गुलाल, आयो फागनियो, नैना नीचा करले श्याम न रिझावली सहित फागुन व भगवान के भजन गाकर होली आने का संदेश दे रहे हैं। मौजूदा समय में फागुन के गीत गाने की परंपरा बहुत कम देखने को मिल रही है। यह रमेश गोयल, मोहन खत्री, नीरज शर्मा, महेश अग्रवाल, योगेश श्रीमाल, ज्योति स्वरूप, योगेश पुजारी, पंकज नथैया, विनोद पुजारी, मोहन खत्री, मुकेश शर्मा आदि है जो, यह परंपरा निभा रहे हैं।



