संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध देवली थाने में दी रिपोर्ट
Deoli News 10 जून (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) समीप के हनुमान नगर पुलिस थाने की कार्यप्रणाली पर बुधवार को उस समय गंभीर सवालिया निशान लग गए, जब स्थानीय अधिवक्ताओं ने पुलिस की मनमानी के खिलाफ थाने पर प्रदर्शन किया।
वही हनुमान नगर का विरोध प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने देवली थाने में भी कथित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध रिपोर्ट दी गई। दरअसल यह विरोध प्रदर्शन, पीड़ित व अधिवक्ता नरेंद्र कुमार मीणा द्वारा पुलिसकर्मियों पर लगाए गए मारपीट, लूट और जबरन खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाने जैसे आरोपों के बाद हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिवक्ताओं ने देवली थाना प्रभारी दौलतराम गुर्जर को लिखित शिकायत सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
यह है पूरा मामला
पीड़ित नरेंद्र कुमार मीणा निवासी लुहारी कलां ने देवली थाने में अपनी रिपोर्ट में बताया कि 9 जून की रात करीब 9:30 बजे वह देवली में अपने साले ब्रजमोहन से मिलने गए थे। तभी वहां पहुंचे तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें और उनके साले को जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाया और लवली होटल के पास ले गए। वहां से हनुमान नगर थाने की गाड़ी बुलाई गई, जिसमें पुलिस की वर्दी में सवार जवानों ने पीड़ित और उनके साले को जबरन गाड़ी में डाल लिया। पीड़ित का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें थाने ले जाकर पीटा। इस दौरान उनके तीन मोबाइल और जेब में रखे 1350 रुपए छीन लिए गए। पीड़ित ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
इतना ही नहीं, जब उन्हें मेडिकल के लिए राजकीय चिकित्सालय देवली ले जाया गया, तो वहां पुलिसकर्मियों ने पीड़ित से मेडिकल के नाम पर खाली कागजों पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। पीड़ित का आरोप है कि उनके शरीर पर आई चोटों के बावजूद कोई मेडिकल जांच नहीं की गई। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय अधिवक्ताओं में रोष फैल गया। वकीलों ने इसे खाकी की गरिमा के विपरीत और कानून का खुला उल्लंघन करार दिया है। हनुमान नगर थाने में विरोध प्रदर्शन के बाद बड़ी संख्या में वकीलों ने देवली थाना प्रभारी दौलत राम गुर्जर से इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की। मामले में थाना प्रभारी दौलतराम ने स्थिति को संभालते हुए अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि वे इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को समझते हैं। उन्होंने कहा कि मामले में उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया जाएगा और जो भी नियमसंगत कार्रवाई होगी।
पीड़ित का आरोप है कि मेडिकल रिपोर्ट में ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट और ब्लड सैंपल टेस्ट नहीं लिया गया था। अधिवक्ता ने यह सब आरोप हनुमान नगर थाने के हेड कांस्टेबल सुनील, कांस्टेबल लालाराम, राजेंद्र मीणा, भूपेंद्र व एक अन्य पर लगाया है।
आज ही जांच बिठाकर इन्वेस्टिगेशन किया जाएगा-एसपी
इस संबंध में देवली के अधिवक्ता संदीप काटिया ने भीलवाड़ा एसपी से फोन पर बात की। उन्होंने एसपी से कहा कि सभी अधिवक्ता न्याय की मांग कर रहे।
एसपी ने अधिवक्ताओं को भरोसा दिलाया कि आज ही वह एडिशनल एसपी के जरिए अधिवक्ताओं की ओर से दिए गए ज्ञापन की जांच कर जांच बिठाएंगे। साथ ही उन्हें फुटेज देखने को भी कहा जा रहा है। अधिवक्ताओं ने ब्लड सैंपल की रिपोर्ट कलेक्ट करने का भी एसपी से आग्रह किया है, ताकि हर चीज का सत्यापन हो सके।
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