Thursday, April 23, 2026
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HomeJahazpur Newsबंद रहे बाजार, बांग्लादेश में अत्याचार का विरोध

बंद रहे बाजार, बांग्लादेश में अत्याचार का विरोध

व्यापारियों ने बंद रखे प्रतिष्ठान, सौपा ज्ञापन


Jahazpur News 14 अगस्त (आज़ाद नेब) बांग्लादेश में अल्पसंख्यको व हिन्दूओ पर हो रहे अत्याचार के विरोध में बुधवार को जहाजपुर में व्यापारियों व समग्र हिन्दू समाज ने आधे दिन बाजार बंद कर रैली निकालकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा हैं।

ज्ञापन में बताया कि बांग्लादेश में अनिश्चितता, हिंसा और अराजकता की स्थिति बनी हुई है। वहां हिन्दूओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के समक्ष अपने जान माल की सुरक्षा का गम्भीर संकट पैदा हो गया है। बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के त्यागपत्र और उनके देश छोड़ने के बाद अन्तरिम सरकार के गठन की प्रक्रिया चल रही है। संकट की इस घड़ी में भारत की जनता एवं सरकार बांग्लादेश के सभी समाज के साथ एक मित्र के नाते मजबूती से खड़ी है। बांग्लादेश में पिछले कुछ समय में हिन्दू, सिख व अन्य अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और घरों को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया है। हजारों घर, दुकानें आदि कट्टरपंथियों के निशाने पर बने तथा कई जिलों में तो शमशान तक तोड़ दिए गए।

मंदिर और गुरुद्वारों को भी भारी क्षति पहुंचाई गई है। बांग्लादेश में हिंदू जो कभी 32 प्रतिशत थे। अब घटकर 8 प्रतिशत से भी कम बचे हैं। जो शेष है वे भी निरन्तर उत्पीड़न के शिकार हो रहे हैं। भारत के लोग और सरकार इस परिस्थिति में आंखे मूँद कर नहीं रह सकती। ज्ञापन में हिंदू समाज समेत अल्पसंख्यक वर्ग की जान माल की सुरक्षा करने की मांग की गई।

इस दौरान संतराम महाराज, रतन सुवालका, शशिकान्त पत्रिया, ओम सोनी, ललित पारीक,‌ मनीष जैन, धनश्याम नागौरी, नोरत साहू, दिनेश उपाध्याय, महावीर मालू, जितेन्द्र मीणा, आदि सहित सेकडौं व्यापारी व विभिन्न संघटनो को लोग शामिल थे।

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