Deoli News 19 दिसंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर में कुंचलवाडा रोड पर चल रही संगीतमय भागवत में मंगलवार को कथावाचक ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया और यहां नन्दोत्सव मनाया गया। वही भगवान गोवर्धन की झांकी बनाई गई।
इस दौरान भगवान के छप्पन भोग की झांकी सजाकर भोग लगाया गया। कथावाचक पं महेंद्र कुमार कौशिक में भगवान श्रीकृष्ण की लीला का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण और बलदेवजी के जन्म पर गोकुल में उत्सव मनाया गया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्णा ने बाल्यकाल में ही बड़े-बड़े राक्षसों का वध किया। भगवान ने पूतना, बकासुर, अघासुर, शकटासुर, तृणावर्त और केशी नामक राक्षसों का वध किया। उन्होंने इंद्र का मान मर्दन करने के लिए गोवर्धन पर्वत की पूजा की। यमुना नदी में रहने वाले कालियानाग का मर्दन किया। अनन्य प्रेम में बंधकर चीर हरण व रासलीला की। गोप ग्वालों के साथ गाये चराई। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण सबसे बड़े योगी थे।
उन्होंने संसार को उपदेश दिया कि मनुष्य का कर्म प्रधान होता है और उसी से उसकी पूजा होती है। लिहाजा मनुष्य को अपना कर्तव्य पूरा करते हुए कर्म करते रहना चाहिए।


