Deoli News 9 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) बरकत एवं रहमतों के माह रमजान में रोजे रखने का कर्म शुरू हो गया है। मुस्लिम धर्मावलंबी रोज़े, नमाज़, कुरआन की तिलावत, तराबीह आदि धार्मिक गतिविधियों से रब हैं।
वहीं खुदा की इबादत करने में अपना वक़्त गुज़ार रहे हैं। शाही ज़ामा मस्जिद के इमाम मौलाना नज़्में इफ्तिखार साहब ने बताया कि रोज़ा त्याग, तपस्या, करुणा, बलिदान का नाम है। उन्होंने कहा कि हमें इस पवित्र माह की कद्र करनी चाहिए। शाम को इफ्तार का आयोजन किया जा रहा है।


