18 चक्के का ट्रेलर बना था ‘चलता-फिरता ठिकाना’
राजस्थान-मध्यप्रदेश में 100 से ज्यादा नकबजनी का आरोप 5 शातिर गिरफ्तार
Jahazpur News 17 अगस्त (मोहम्मद आज़ाद नेब) राजस्थान में चोरी की वारदातों का एक ऐसा नेटवर्क सामने आया है, जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। नागौर पुलिस ने राजस्थान और मध्यप्रदेश में 100 से अधिक नकबजनी की वारदातों में शामिल बताए जा रहे एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए जहाजपुर में 18 चक्के के विशाल ट्रेलर सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार गिरोह अब तक 10 करोड़ रुपए से अधिक के जेवरात और नकदी चोरी कर चुका है। नागौर पुलिस टीम ने करीब 650 किलोमीटर तक लगातार पीछा करने के बाद गत 14 अगस्त को जहाजपुर में आरोपियों को घेरकर दबोचा। पुलिस जांच में गिरोह का चोरी करने का तरीका बेहद अनोखा सामने आया है। पांच सदस्य 18 चक्के के ट्रेलर में सवार होकर गांवों तक पहुंचते थे। गांव के बाहर ट्रेलर खड़ा किया जाता था। एक सदस्य ट्रेलर में रहता, दूसरा पहरेदारी करता और बाकी तीन सदस्य मकानों को निशाना बनाते थे।
स्थानीय लोगों को भ्रमित करने के लिए ट्रेलर पर ‘लीलण’, ‘जाट’ और ‘वीर तेजा’ जैसे स्थानीय पहचान वाले शब्द लिखवाए गए थे। इससे लोगों को ट्रेलर स्थानीय होने का भ्रम होता और किसी बाहरी वाहन पर आसानी से शक नहीं होता।
मोबाइल से दूरी, CCTV की जानकारी पूरी
पुलिस के अनुसार आरोपी चोरी के दौरान मोबाइल फोन अपने साथ नहीं रखते थे। उन्हें सीसीटीवी कैमरों और पुलिस की तकनीकी जांच प्रणाली की जानकारी थी। वारदात के बाद रास्ते में खड़ी बाइक चोरी कर कुछ दूरी तक उससे भागते और करीब 10 किलोमीटर बाद बाइक छोड़कर वापस ट्रेलर में सवार हो जाते थे। पुलिस का दावा है कि गिरोह पिछले करीब पांच वर्षों से सक्रिय था और पिछले दो वर्षों में नागौर, जोधपुर, बाड़मेर, फलोदी, डीडवाना कुचामन, बीकानेर और जयपुर सहित कई जिलों में वारदातें कर चुका है।
नागौर की 12 बड़ी चोरियों का भी खुलासा
पुलिस के मुताबिक नागौर जिले में ही करीब 2 करोड़ रुपए मूल्य की 12 बड़ी चोरियों का खुलासा हुआ है। इनमें जिन्दास और पालड़ी पिचकियां की चर्चित चोरी की वारदातें भी शामिल बताई गई हैं।
400 सीसीटीवी और 18 टोल प्लाजा से मिला सुराग
दरअसल गत 6 अगस्त को बिरलोका थाना खींवसर क्षेत्र में 8.30 लाख रुपए की चोरी के बाद पुलिस ने जांच तेज की। करीब 400 फुटेज और 18 टोल प्लाजा की जानकारी खंगाली गई। इसी दौरान पुलिस को चित्तौड़गढ़ से निकले ट्रेलर की गतिविधियों का सुराग मिला। वहीं 13 अगस्त की रात रोल थाना क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी देखकर आरोपी जयपुर की ओर भाग निकले। इसके बाद पुलिस टीम ने करीब 650 किलोमीटर तक पीछा किया और आखिरकार 14 अगस्त को जहाजपुर, भीलवाड़ा में घेराबंदी कर पांचों आरोपियों को ट्रेलर समेत गिरफ्तार कर लिया।
पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने शैतान कंजर (22) निवासी मेघनिवास, बेगूं, चित्तौड़गढ़; राजेन्द्र कंजर (26) निवासी दुधीतलाई, थाना विजयपुर; राजू कंजर (42) निवासी विजयपुर; रतनलाल कंजर (22) निवासी धाधलिया का खेड़ा, थाना विजयपुर और नानू कंजर (22) निवासी दुधीतलाई, विजयपुर को गिरफ्तार किया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार राजू कंजर के खिलाफ 15, शैतान के खिलाफ 4, राजेन्द्र के खिलाफ 2 तथा रतनलाल के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है। कार्रवाई में खींवसर थाने के कांस्टेबल भजनलाल की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।



