आखिर कैसे चलेगा काम, नर्सिंग स्टाफ भी अधूरा
Deoli News 31 जुलाई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) आमजन को सुलभ व बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का दावा करने वाली सरकारों की हकीकत ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिलती है। जहां उपचार करने वाले चिकित्सक है न पूरा नर्सिंग स्टाफ।
नतीजन आमजन उपचार के लिए भटकने को मजबूर है। यह हालात नासिरदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के हैं। जहां स्वास्थ्य केंद्र को क्रमोन्नत कर दिया गया। लेकिन सुविधाए नहीं जुटाई गई। विभागीय सूचना के अनुसार नासिरदा स्वास्थ्य केंद्र पर पांच चिकित्सकों के 5 पद स्वीकृत है। इनमें मौजूदा समय में एक चिकित्सक कार्यरत है। वह भी पिछले कई दिनों से छुट्टी पर चल रही है। ऐसे में वर्तमान में नासिरदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक भी चिकित्सक नहीं है। वही पांच नर्सिंगकर्मियों के पद रिक्त है। मौजूदा समय में केवल तीन नर्सिंगकर्मी काम कर रहे हैं। जिनसे क्षेत्र के दर्जनों गांव के ग्रामीणों को उपचार लेना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 14 पद रिक्त चल रहे हैं, जो किसी भी स्वास्थ्य केंद्र की एक बहुत बड़ी संख्या है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों ग्रामीणों ने भाजपा नेता विजय बैसला को भी नासिरदा स्वास्थ्य केंद्र में व्याप्त अव्यवस्थाओं के बारे में अवगत कराया था। वहीं पिछले दिनों ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र की हकीकत खोल कर रख दी। ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक, चिकित्साकर्मी है न जरूरत की दवाइयां।
लिहाजा उन्हें देवली या केकड़ी की ओर रुख करना पड़ रहा है। ऐसे में राज्य सरकार व स्वास्थ्य विभाग के दावे हकीकत में फिसड्डी है। उधर, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जगदीश मीणा का कहना है कि नासिरदा में खाली चल रहे पदों के बारे में उच्च अधिकारियों को बताया जा चुका है। यहां चिकित्सकों के 5 पद रिक्त है तथा महिला चिकित्सक छुट्टी पर है। मौजूदा स्टाफ से ग्रामीणों को चिकित्सीय सुविधा दिला रहे हैं।



