सरकारी नियमों की अनदेखी
Deoli News 23 सितंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) प्रदेश में सरकारी कार्यालय व परिसर में धूम्रपान करना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कर्मचारियों अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। यही हालात सोमवार को जयपुर विद्युत वितरण निगम के कार्यालय में देखे गए। जहां के शाखा में मौजूद कर्मचारी सुरेश कुमार बेहिचक सिगरेट के कस खींचता नजर आया। यदि आम आदमी इस तरह की हरकत करता तो कर्मचारी उसे नियमों की पट्टी पढ़ा देते।
दरअसल यह कर्मचारी अपने कार्यालय में बैठकर सिगरेट पी रहा था। इस दौरान एक मीडियाकर्मी ने उन्हें धूम्रपान नियम का हवाला दिया तो कर्मचारियों ने कहा कि वह अपने ऑफिस में बैठकर सिगरेट पी रहा है। यहां तक की उक्त कर्मचारी की हरकत को कमरे में कैद करने के बावजूद उसके चेहरे पर सिकन तक नहीं आई और ना ही किसी तरह का अफसोस व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि सरकारी कार्यालयों में धूम्रपान करना प्रतिबंधित है। इसके लिए जुर्माना का प्रावधान है। सरकारी कार्यालय में धूम्रपान करने पर 10 से 200 रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि की जुर्माने की राशि महत्वपूर्ण नहीं है। लेकिन सरकार के नियमों का उन्हीं के नुमाइंदों की ओर से तोड़ना गंभीर है। बता दें कि सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करना अपराध है।सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 के तहत सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध है। उपखंड अधिकारी देवली का कहना है कि मामले की जांच करेंगे।



