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थाना प्रभारी ने कहा- शराब पीकर वाहन चलाने पर हुई विधि सम्मत कार्रवाई
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डीएसपी जहाजपुर पहुंचे मौके पर
Deoli. Jahazpur News 10 जून (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) हनुमान नगर थाना क्षेत्र में देवली के अधिवक्ता नरेंद्र कुमार मीणा के साथ पुलिस द्वारा कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले को लेकर बुधवार को देवली अधिवक्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने थाने पर पहुंचकर जमकर प्रदर्शन व नारेबाजी की। घटना को लेकर वकीलों में भारी रोष व्याप्त है।

इसे लेकर अभिभाषक संघ अध्यक्ष ललित चौहान के नेतृत्व में दर्जनों अधिवक्ता थाने पहुंचे और विरोध शुरू किया। अधिवक्ता नरेंद्र कुमार मीणा ने पुलिस अधीक्षक भीलवाड़ा के नाम डीएसपी को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि वे मंगलवार की रात करीब 9:30 बजे अपने ससुराल दांता जा रहे थे। रास्ते में विजय मार्बल पटिट्यों की टाल के पास जयपुर रोड देवली पर उन्हें उनके साले बृजमोहन पुत्र केसरलाल मिले, जिनसे वे सड़क किनारे खड़े होकर बात कर रहे थे। अधिवक्ता का आरोप है कि तभी तीन पुलिसकर्मी वहां आए और उनके साथ गाली-गलौज करते हुए छीना-झपटी शुरू कर दी।

परिचय देने के बाद भी की अभद्रता
उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अपना परिचय अधिवक्ता के रूप में दिया और इसका कारण पूछा, तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें कुछ भी सुनने से इनकार कर दिया। अधिवक्ता ने ज्ञापन में स्पष्ट आरोप लगाया है कि हेड कांस्टेबल सुनील, कांस्टेबल लालाराम, राजेंद्र मीणा, भूपेंद्र व एक अन्य पुलिसकर्मी ने उन्हें जबरन गाड़ी में बिठाया। गाड़ी के अंदर भी उनके साथ मारपीट की गई और थाने ले जाकर भी दुर्व्यवहार किया गया। इतना ही नहीं पुलिसकर्मियों ने उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी और रात के समय ही जबरन मेडिकल करवाकर उन्हें रात एक बजे थाने से छोड़ा।
अधिवक्ता का आरोप है कि उन्होंने पुलिसकर्मियों को पहचान लिया है।
रिपोर्ट देने गए तो भी किया अभद्र व्यवहार
पीड़ित अधिवक्ता का कहना है कि जब वे बुधवार को अपने अन्य साथी अधिवक्ताओं के साथ हनुमान नगर थाने पर रिपोर्ट देने पहुंचे, तो थाना प्रभारी ने न केवल रिपोर्ट लेने से इनकार कर दिया, बल्कि अधिवक्ताओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया। वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप कांटिया का कहना है कि जब वह मामले की रिपोर्ट देने अधिवक्ताओं के साथ गए तो थाना प्रभारी का व्यवहार दुखद था। उन्होंने अधिवक्ताओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें अपराधियों की तरह समझा और थाने में कैमरा रिकॉर्डिंग भी की गई। वकीलों ने इसे अधिवक्ता वर्ग का अपमान बताते हुए उक्त पूरे थाने को निलंबित करने, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और थाना प्रभारी को तुरंत निलंबित करने की मांग की है।
पुलिस ने की विधि सम्मत कार्रवाई
वहीं दूसरी ओर हनुमान नगर थाना प्रभारी गणेश ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा है। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पूरी तरह से कानून सम्मत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त व्यक्ति के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत मामला दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी के अनुसार, अधिवक्ता उस समय शराब के नशे में थे और उन्होंने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को भी धमकाया था। पुलिस ने कानून की प्रक्रिया का पालन करते हुए उनका मेडिकल करवाया है। उन्होंने कहा कि पुलिस पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। प्रदर्शन के दौरान काफी देर तक पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच गहमागहमी का माहौल रहा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जहाजपुर डीएसपी को मौके पर पहुंचना पड़ा, जिन्हें वकीलों ने ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है। फिलहाल अधिवक्ता थाने के बाहर धरने पर बैठे हैं।


