हजारों बच्चों ने किया भोजन
Deoli News 8 अगस्त (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) राजमहल गांव में अच्छी बारिश की कामना को लेकर पिछले करीब 23 वर्षों से अनूठी परंपरा निभाई जा रही है। वनमाता मंदिर परिसर में गांव के सभी धर्मों और वर्गों के लोग मिलकर बाल भोज का आयोजन करते हैं।
जिसमें विभिन्न स्कूलों के करीब दो हजार बच्चों को भोजन कराया जाता है। ग्रामीणों की मान्यता है कि बच्चों में भगवान का वास होता है और उन्हें भोजन कराने से ईश्वर प्रसन्न होते हैं। वर्ष 2002 में गांव में अकाल जैसी स्थिति बनने के बाद इस परंपरा की शुरुआत हुई थी। तब से हर वर्ष बारिश के मौसम में यह आयोजन किया जा रहा है। बाल भोज में बच्चों की चहल-पहल के बीच ग्रामीण सामूहिक रूप से पकवान तैयार कर उन्हें भोजन कराते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस आयोजन की शुरुआत के बाद से गांव में कभी अकाल जैसी स्थिति नहीं बनी।
इसी विश्वास और आस्था के चलते करीब दो दशक से अधिक समय बाद भी यह परंपरा लगातार जारी है। ग्रामीण घनश्याम पारीक, निजामुद्दीन, दीपक जैन, बाबूलाल शर्मा ने बताया कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। जिसका इस वर्ष भी निर्वाह किया गया। भोजन करके बच्चों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। बच्चों के चेहरे की खुशी भगवान की भक्ति से कम नहीं है।



