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वार्ता के बाद भी नहीं टूटी हड़ताल
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चार दिन के आश्वासन पर नहीं माने अभिभाषक
Deoli News 16 जुलाई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) देवली में एसीजेएम व एडीजे कोर्ट खोलने की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे अभिभाषकों के पास मंगलवार दोपहर भाजपा नेता विजय बैसला पहुंचे। जिन्होंने अधिवक्ताओं से बातचीत की।
यहां वरिष्ठ अधिवक्ता राजकुमार कोठारी ने बताया कि 32 साल बाद भी देवली का न्यायालय क्रमोन्नत नहीं हुआ है। यहां वर्कलोड अधिक है। लोगों को न्याय के लिए 65 किलोमीटर दूर टोंक मुख्यालय जाना पड़ता है। खासकर डूब क्षेत्र की जनता को न्याय के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इस दौरान अभिभाषक संघ अध्यक्ष महावीर सिंह राठौड़ ने कहा कि दोनों न्यायालय खोलने की मांग केवल अधिवक्ता हो कि नहीं है, बल्कि आमजन की है। इससे क्षेत्रवासियों को सस्ता व सुलभ न्याय मिलेगा लेकिन कई बार प्रयास करने के बावजूद दोनों न्यायालय खोलने के लिए कभी राजनीतिक सहयोग नहीं मिला। हमेशा आश्वासन मिलता रहा है।
बजट में भी उम्मीद थी, लेकिन अधिवक्ताओं को यहां से भी निराशा हाथ लगी है। भूख हड़ताल हठधर्मिता नहीं है। यह जनता को न्याय दिलाने का प्रयास है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से इस मांग में सहयोग करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह क्रमिक भूख हड़ताल है। यदि मांगे नहीं मानी गई तो सभी अधिवक्ता भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
पहले बताते तो करते प्रयास
इस दौरान अधिवक्ताओं के पास पहुंचे भाजपा नेता बैसला ने कहा कि एसीजेएम एवं एडीजे कोर्ट खोलने के लिए उन्हें पहले किसी ने नहीं बताया। यदि बताते तो इसी बजट सत्र में घोषणा कराने का प्रयास करते। अधिवक्ताओं की हड़ताल से लोगों को परेशानी होगी। कोई भी काम दबाव से नहीं होगा। उनकी भी प्राथमिकता है कि इस समस्या का निस्तारण हो, वह भी चाहते हैं कि आमजन को न्याय मिले। इस दौरान बैसला ने कहा कि अधिवक्ता आमजन के हित के लिए अपना काम शुरू करें। आगामी 4 दिन के भीतर वे मुख्यमंत्री से मिलकर इस पर कोई सकारात्मक जवाब लेंगे।
लेकिन अभिभाषक संघ ने हड़ताल तोड़ने से इनकार कर दिया। संघ अध्यक्ष महावीर सिंह राठौड़ ने कहा कि यदि चार दिन के भीतर उनकी मांगे मान ली जाएगी तो सभी अधिवक्ता वैसे ही इस हड़ताल को खत्म कर देंगे। यह हड़ताल भी आमजन के हित के लिए ही की जा रही है। लेकिन फिलहाल जब तक उनकी मांगे लिखित तौर पर नहीं मानी जाएगी। जब तक हड़ताल जारी रहेगी। इस दौरान अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी रही। वहीं यह वार्ता भी बेनतीजा रही।



