गौशाला भूमि से अतिक्रमण हटाने का मामला
Jahazpur News 29 जनवरी (मोहम्मद आजाद नेब) प्रशासन द्वारा मंगलवार को हटाएं गए अतिक्रमण के विरुद्ध गोपाल गौशाला समिति के आह्वान पर बुधवार को जहाजपुर हाफ डे बंद रहा। समिति ने पुलिस के विरुद्ध नारे लगाते हुए रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया कि गौमाता के संरक्षण के लिए संचालित गोपाल गौशाला के उपयोग में आ रही भूमि पर षडयंत्रपूर्वक भूमाफिया का कब्जा बताकर तोड़फोड़ की गई। ऐसे अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई करने व उन्हें निलंबित करने के अलावा गौशाला के लिए भूमि आवंटन की मांग की गई। करीब 25 वर्षों से बनास नदी के तट के समीप चरागाह भूमि, जो कि गायों के ठहराव व संरक्षण के लिए समाज के सहयोग से श्रीगोपाल गोशाला समिति द्वारा गोशाला संचालित की जा रही है। यह गोशाला राज्य सरकार के निर्धारित नियमों के तहत पंजीकृत है। इस दौरान महंत ललितराम, ईश्वरराम महाराज, गोशाला संरक्षक बालकृष्ण नागौरी, रामस्वरूप सोनी, शशिकांत पत्रिया ने संबोधित किया। इस दौरान शहर बंद का मिला-जुला असर दिखा।
अतिक्रमण हटाने को लेकर रावतखेड़ा सरपंच व ग्रामीण लगातार दे रहे थे ज्ञापन
ग्राम पंचायत रावतखेड़ा ने 27 सितंबर 2019 को तहसीलदार को पत्र लिखा। जिसमें ग्राम पंचायत की भूमि का सीमांकन कर अतिक्रमण हटाने व 6 नवंबर 2019 को उपखंड अधिकारी को पत्र लिखा। जिसमें बताया था कि चारागाह भूमि पर गोपाल गौशाला सहित अन्य लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है।

जिससे मनरेगा योजना में स्वीकृत चारागाह भूमि पर पौधारोपण अवरूद्ध हो रहा है। वहीं 19 जुलाई 2023 में सरपंच केसर देवी बारठ ने उपखंड अधिकारी को पत्र लिखा। जिसमें बताया कि रावतखेड़ा में स्थित चरागाह की भूमि पर गोशाला में पंचायत की समस्त आवारा गायों नंदियो को लेने अध्यक्ष से प्रस्ताव रखे। जबकि गत 29 मई 2024 को सरपंच ने विधायक गोपीचंद मीणा को पत्र लिखा। जिसमें बताया कि पंचायत के राजस्व गांव जालमपुरा में गोपाल गौशाला के आसपास लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। बता दें कि विधायक गोपीचंद मीणा ने 28 जून को विधानसभा में तारांकित प्रश्न उठाया था। उसी की पालना में प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।



