Deoli News 23 जनवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) राजकीय महाविद्यालय देवली में गुरुवार को राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई प्रथम एवं द्वितीय के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन हुआ।
स्वयंसेवकों ने मुख्य खेल मैदान में साफ-सफाई की। मुख्य वक्ता सत्यनारायण मीणा (सहायक आचार्य हिन्दी) ने “जल संरक्षण में युवाओं की भूमिका” विषय पर कहा कि पृथ्वी पर पीने योग्य जल की मात्रा बहुत सीमित है। हम सब मिलकर जल संरक्षण में अपनी भूमिका निभाते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए भी इसका संचय करें। रचनात्मक गतिविधि में ‘एकल नृत्य प्रतियोगिता’ का आयोजन हुआ। जिसमें हर्षिता वर्मा ने प्रथम, आशा माली ने द्वितीय, एवं खुशी चौधरी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सहायक आचार्य सत्यनारायण मीणा व सुमन मीणा ने निर्णायक की भूमिका निभाई। खेल गतिविधि के अंतर्गत स्वयंसेवकों ने ‘वाटर- स्पून’ खेल प्रतियोगिता में भाग लिया। प्राचार्य प्रो. पूरणमल वर्मा के मुख्य आतिथ्य में इस सात दिवसीय विशेष शिविर के समापन समारोह हुआ।

वार्षिक उत्सव में हुए कई कार्यक्रम
महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय देवली मे वार्षिक उत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह हुआ। मुख्य अतिथि अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा रामराय मीणा, प्रधान मीणा, उपाध्यक्ष एसडीएमसी सदस्य आशा जांगिड़ और विशिष्ट अतिथि लाजवंती थी। विद्यालय प्रधानाचार्य सुशीला मीणा एवं उप प्राचार्य अर्पणा शर्मा ने सभी मेहमानों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम में स्थानीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। प्रधानाचार्य ने पिछले सत्र के कक्षा एक से 12 तक सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र सौपकर विद्यार्थियों को किया सम्मानित
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ईटून्दा में वार्षिक उत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह हुआ। मुख्य अतिथि ग्राम पंचायत ईटून्दा के सरपंच अन्नू सिंह मीणा, कार्यक्रम अध्यक्ष जीएसएस ईटून्दा गोवर्धन मेघवंशी, विशिष्ट अतिथि उपसरपंच धर्मेंद्र कंजर ,विशिष्ट अतिथि नसीब खान पठान तथा अन्य मेहमान उपस्थित रहे। प्रधानाचार्य दिनेश सिंह नरूका ने सभी मेहमानों का स्वागत एवं अभिनन्दन किया। नवीन कुमार शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम में पिछले सत्र के के कक्षा 1 से 12 में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।



