बड़े शहरों की खराब स्थित से नहीं ले रहे हैं सबक
Deoli News 21 नवंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) सर्दी की दस्तक के साथ ही अब आबोहवा खराब होने का खतरा मंडराने लगा है। वहीं इसमें आमजन और सफाईकर्मियों की ओर से कचरा जलाने से यह तकलीफदेह साबित हो रहा है। गौरतलब है कि देश की राजधानी समेत जयपुर, भिवाड़ी, टोंक, कोटा सहित शहर के प्रमुख नगरों में प्रदूषण की स्थिति बनी है।
जहां की हवा प्रदूषण हो चुकी है। एक्यूआई लेवल 300 से 400 तक पहुंच चुका है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। बावजूद इसके देवली शहर में लापरवाही बरती जा रही है। गुरुवार सुबह शहर के कई इलाकों में सफाईकर्मियों ने कचरा एकत्र करने के बाद इसे हटाने की बजाय उसमें आग लगा दी। जिससे सुबह के वक्त लोगों को तकलीफ हुई। खासकर सुबह वॉक पर जाने वाले लोगों को दम घुटने की परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर में बस स्टैंड के बाहर त्रिपाठीजी के हत्थे में भी बड़ी मात्रा में कचरा जलाया गया। जिसका धुआ बस स्टैंड के आसपास, तहसील इलाके, विवेकानंद कॉलोनी एवं कल्पना कॉलेज के हिस्से में उड़ता रहा। इस धुंए से लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई। लिहाजा बड़े नगरों एवं महानगरों की आबोहवा खराब होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर गंभीरता नहीं है। बता दे की हर वर्ष कुछ लापरवाह सफाई कर्मचारी व लोग यह हरकत करते हैं। कचरा जलाने से आसपास के इलाकों में लोगों को बेहद तकलीफ होती है। लिहाजा पालिका मंडल को इन्हें पाबंद करना होगा।



