Wednesday, April 22, 2026
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HomeRajasthan Newsफार्माकोविजिलेंस का उद्देश्य दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव का निर्धारण करना

फार्माकोविजिलेंस का उद्देश्य दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव का निर्धारण करना


Deoli News 14 सितंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) जनसेवा समिति देवली एवं पेरीफेरल फार्माकोविजिलेंस सेंटर टोंक राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में पेंशनर भवन देवली में डॉ. फिरोज खान के निर्देशन में दवा वार्ता हुई।

समिति अध्यक्ष नवल मंगल ने बताया कि आयुष मंत्रालय ने फार्मोंकोविजिलेंस को बढ़ावा देने के लिए योजना शुरू की है। इसका उद्देश्य औषधियों के प्रतिकूल प्रभावों का दस्तावेजीकरण करने की संस्कृति विकसित करना है। वहीं यूनानी, आयुर्वेद, सिद्धा एवं होम्योपैथिक औषधियों की सुरक्षा निगरानी करना हैं। इसी तरह प्रिंट एवं इलेक्ट्रोनिक मीडिया में आने वाले भ्रामक विज्ञापनों की निगरानी करना है। जेआरएफ डॉ. ऐमन सिद्दीकी एवं कोऑर्डिनेटर डॉ. फिरोज खान से संम्पर्क कर उसको इंद्राज करने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी तरह के भ्रामक प्रचार से प्रभावित होकर दबाव का इस्तेमाल न करें। इससे दुष्परिणाम हो सकते हैं। सेमिनार का आयोजन डॉ. रोशन यूनानी चिकित्सा अधिकारी के सहयोग से किया गया। इस दौरान मौजूद लोगों ने विभिन्न दवाओं के बारे में सवाल भी किए।

वार्ता में अध्यक्ष नवल किशोर मंगल, घीसालाल टेलर, डॉ. पीएल जांगिड़, सत्यनारायण गोयल, कन्हैयालाल लुनिवाल, प्रहलाद शर्मा सुरेन्द्र सिंह शक्तावत, सुरेन्द्र सिंह नरूका, गफूर खा, सुरेश कुमार पंचोली व स्कूल अध्यापक, स्कूल छात्र उपस्थित थे। बता दे कि फार्माकोविजिलेंस औषधीय के दुष्परिणामों की रिपोर्टिंग करती है।

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