Thursday, April 23, 2026
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HomeDainik Bureau Deskबिना कोचिंग और 5 साल संघर्ष के बाद यूपीएससी में चमके शुभम

बिना कोचिंग और 5 साल संघर्ष के बाद यूपीएससी में चमके शुभम

छठे प्रयास में हासिल की यूपीएससी में 929वीं रैंक


Deoli News 7 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) अक्सर यह माना जाता है कि देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) पास करने के लिए बड़े शहरों और महंगी कोचिंग संस्थानों का सहारा लेना अनिवार्य है, लेकिन देवली क्षेत्र के मानपुरा (बीजवाड़) निवासी शुभम मीणा ने इस धारणा को गलत साबित कर दिखाया है।

शुभम ने छठे प्रयास में अखिल भारतीय स्तर पर 929वीं रैंक हासिल कर न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। शुभम की यह सफलता उनकी अटूट इच्छाशक्ति और निरंतरता का परिणाम है। आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद ही उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का मन बना लिया था। दिलचस्प बात यह है कि गणित की पृष्ठभूमि होने के बावजूद उन्होंने मुख्य परीक्षा के लिए समाजशास्त्र विषय को चुना। शुभम की सफलता की राह आसान नहीं थी। उन्होंने करीब 5 साल नई दिल्ली और 2 साल जयपुर में रहकर सेल्फ स्टडी की। खासियत यह भी रही कि उन्होंने किसी भी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया और घर पर रहकर ही अपनी तैयारी को अंतिम रूप दिया।

शुभम के पिता राजेंद्र मीणा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भरतपुर में संस्थापन अधिकारी हैं, जो देवली एसडीएम कार्यालय में भी प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत रह चुके हैं। शुभम की सफलता पर उनके माता-पिता को गर्व है। पिता राजेंद्र मीणा ने दैनिक ब्यूरो को बताया कि इस सफलता से पूरे गांव और तहसील में खुशी का माहौल है।

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