Desk News 3 मई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) तेज गर्मी के चलते चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से विशेष एहतियात बरतने की अपील की है। अत्यधिक गर्मी व लू-तापघात होने से आमजन चपेट में आ सकते हैं। खासकर हाई रिस्क वाले लोगों को विशेष ख्याल रखने की जरूरत है।
इसे लेकर सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष सावधानी बरतने के विभाग ने निर्देश दिए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार यादव ने जिले के चिकित्सा संस्थानों को निर्देश दिए कि राज्य, जिला स्तर एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधक प्राधिकरण (नई दिल्ली), आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग (राजस्थान, जयपुर) से मिले निर्देशों की पालना करें। सभी अस्पतालों में रोगियों के उपचार के लिए इंतजाम, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, संस्थान में रोगी के उपचार के लिए आपातकालीन किट में ओआरएस, ड्रिप सेट, ब्लीचिंग पाउडर सहित अन्य आवश्यक दवाइयां रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गर्मी से होने वाली बीमारियां जैसे उल्टी, दस्त, पीलिया, आंत्र दोष एवं अन्य मौसमी बीमारियों के रोगियों की सतर्कता से निगरानी रखें एवं उपचार उपलब्ध करवाएं। प्रचार-प्रसार कर आमजन को गर्मी से बचाव की जानकारी दे।
यह है लू व तापाघात लक्षण
शरीर में लवण व पानी अपर्याप्त होने पर विषम गर्म वातावरण में लू व तापघात से सिर का भारीपन व अत्यधिक सिरदर्द होने लगता है। इसके अलावा अधिक प्यास लगना, शरीर में भारीपन के साथ थकावट, जी मिचलाना, सिर चकराना व शरीर का तापमान बढना, पसीना आना बंद होना, मुंह का लाल हो जाना, त्वचा का सूखा होना, अत्यधिक प्यास का लगना व बेहोशी जैसी स्थिति का होना आदि लक्षण आने लगते हैं। चिकित्सकीय दृष्टि से लू- तापघात के लक्षण, लवण व पानी की आवश्यकता व अनुपात विकृति के कारण होती है। मस्तिष्क का एक केन्द्र जो मानव के तापमान को सामान्य बनाए रखता है, काम करना छोड़ देता है। ऐसे में रोगी को तुरंत छायादार जगह पर कपड़े ढीले कर लेटा दिया जाए। रोगी को होश मे आने की दशा मे उसे ठण्डा पेय पदार्थ पिलाएं। यदि उक्त सावधानी के बाद भी मरीज ठीक नहीं होता है, तो उसे तत्काल निकट के चिकित्सा संस्थान ले जाया जाए।
जरूरी है सावधानी
धूप में बाहर जाते समय हमेशा सफेद या हल्के रंग के ढीले व सूती कपड़ों का उपयोग करें। बहुत अधिक भीड़ व गर्म घुटन भरे कमरों से बचें। बिना भोजन किए बाहर न निकलें। गर्दन के पिछले भाग, कान एवं सिर को गमछे या तौलिये से ढक कर ही जरूरी होने पर बाहर निकलें। रंगीन चश्मे एवं छतरी का प्रयोग करें। गर्मी में हमेशा पानी अधिक मात्रा में पिएं एवं पेय पदार्थों जैसे नींबू पानी, नारियल पानी, ज्यूस आदि का प्रयोग करें।
लू तापघात से हाई रिस्क श्रेणी वाले मरीज शीघ्र प्रभावित होते हैं। स्वास्थ्य संबंधी जरूरत होने पर तत्काल 108 को कॉल करें या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर जाएं। नरेगा अथवा अन्य श्रमिकों के कार्यस्थल पर छाया एवं पानी का पूर्ण प्रबंध रखा जाए।


