Deoli News 7 अप्रैल (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) चैत्र नवरात्र के दौरान देवली शहर के गंगागुरिया बालाजी मंदिर में 9 दिनों तक पवित्र रामचरित्र मानस का पठन किया गया।

जिसका समापन पूर्णाहुति के साथ हुआ। बालाजी के पुजारी पं जितेंद्र जोशी ने बताया कि इस आयोजन में शहर के श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पवित्र हवन में आहुतियां दी। इस अवसर पर बालाजी को भोग लगाया गया और सभी को भोजन प्रसादी कराई गई। यह आयोजन वसंतिक नवरात्र पर हर वर्ष किया जाता है।
भगवान के प्रति श्रद्धा और विश्वास जरूरी
हिसामपुर के राणक्या बालाजी में चल रहे नानी बाई के मायरे के अंतिम दिन कथावाचक प. देवकिशन शास्त्री ने कहा कि भगवान के प्रति श्रद्धा और विश्वास हो तो भगवान को भी भक्त के दर पर आना ही पड़ता है, जैसे नरसी भगत के विश्वास की लाज रखने के लिए भगवान कृष्ण को सेठ के रूप में मायरा भरने आना ही पड़ा।
उन्होंने कहा कि धृतराष्ट्र की सभा में जब तक द्रोपदी ने अपनी रक्षार्थ अपने स्वजनों को पुकारा। तब तक भगवान नहीं आए, लेकिन जैसे ही द्रौपदी ने अपनी लाज कृष्ण के हाथों में सौंपी तो भगवान को आकर द्रोपदी की लाज बचाने ही पड़ी। इस दौरान मायरे की अदभुत महिमा बताई। उन्होंने कहा कि भगवान जैसे नरसीजी की इज्जत बचाने आए, वैसे ही प्रत्येक जीव की सहायता के लिए तैयार रहते हैं, बशर्ते आपका भगवान के प्रति दृढ़ विश्वास हो। मायरे के अंतिम दिवस यज्ञ की भी पूर्णाहुति हुई। कार्यक्रम के समापन अवसर पर भक्तों ने सांवरिया है सेठ मारी राधा जी सेठानी है, कठे सु आई सुंठ कठे सु आयो जीरो आदि भजनों पर नृत्य किया।



