Deoli News 8 अक्टूबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड स्थानीय संघ देवली के नव प्रशिक्षित स्काउटर गाइडर की कार्यशाला अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन, सीबीईओ देवली में हुई। स्थानीय संघ के सह सचिव अनिल गौतम ने बताया कि यहां सहायक जिला कमिश्नर एवं अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रामराय मीणा ने कहा कि स्काउट गाइड संगठन से बालक बालिकाओं में अनुशासन, सेवा भावना, कौशल विकास एवं देशभक्ति का जज्बा पैदा होता है।
सहायक कमिश्नर प्रधान लाल मीणा ने नन्हे कब बुलबुल स्काउट गाइड रोवर रेंजर की गतिविधि में सक्रियता पर जोर दिया। सहसचिव गौतम ने नेशनल ग्रीन कोर, इको क्लब के महत्व तथा आयोजित गतिविधि के बारे में विस्तार से बताया। कोषाध्यक्ष खेमराज मीणा ने स्काउट गाइड की योग्यता वृद्धि, गणवेश, ट्रूप, कंपनी गठन, यूनिफॉर्म की जानकारी दी। सीओ स्काउट गिरिराज गर्ग बताया कि 5 से 10 वर्ष के कब बुलबुल, 10 से 18 स्काउट गाइड तथा 15 से 25 आयु के रोवर रेंजर होते हैं। ट्रेनिंग काउंसलर हनुमान माली, परमेश्वर खाती, मियाराम मीणा, हिम्मत सिंह ने अपनी गतिविधियों की जानकारी दी।
पीसीपीएनडीटी एक्ट पर संगोष्ठी हुई, महिला प्रकोष्ठ का उद्घाटन किया
राजकीय महाविद्यालय देवली में महिला प्रकोष्ठ का उद्घाटन, कार्यकारिणी का गठन एवं पोषण व पीसीपीएनडीटी एक्ट के विषय पर संगोष्ठी का आयोजन स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कल्पना जिंदल के मुख्य आतिथ्य में किया गया। प्राचार्य डॉ. पूरणमल वर्मा ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्य अतिथि जिंदल ने कहा कि प्रसव पूर्व होने वाली सभी जाँच व सोनोग्राफी जो कि गर्भवती स्त्री व उसके अजन्में शिशु में होने वाले विकार अंग न बनना, थैलीसिमिया, डाउन सिंड्रोम आदि की जानकारी के लिए आवश्यक होती है। उनका गर्भस्थ शिशु के लिंग परीक्षण में प्रयोग करना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसकी रोकथाम के लिए 1994 में पीसीपीएनडीटी एक्ट बनाया गया। उन्होने सभी छात्राओं को संकल्प दिलवाया कि वे भविष्य में कभी भी भ्रूण लिंग परीक्षण नहीं करवाएगी।
इसके साथ ही स्त्रियों से संबंधित कई बीमारियों उनकी भ्रांतियों के बारे में छात्राओं को जागरूक किया व खान पान की अच्छी आदत विकसित करने का परामर्श भी दिया। महिला प्रकोष्ठ कार्यकारिणी में अध्यक्ष प्रिया पांचाल, उपाध्यक्ष कोमल सेन, सचिव गरिमा सामरिया व कोषाध्यक्ष कृष्णा जांगिड का एकमत से निर्वाचन किया गया।


