Jahazpur News 11 जून (आज़ाद नेब) स्वस्तिधाम जहाजपुर में मंगलवार को भक्ति भाव से श्रुत पंचमी महापर्व क्षुल्लिका अर्हतमति, क्षुल्लक परिणाम सागर एवं ब्रह्मचारिणी स्वाति के सानिध्य में मनाया गया।
प्रथम लिपिबद्ध ग्रंथ श्रुति पंचमी के दिन को पूर्ण हुआ था। इसके चलते इस पर्व को श्रुत पंचमी व ज्ञान पंचमी नाम से पुकारा गया है। इस ग्रंथ को 6 अध्याय में संपादित किए जाने से शटखंडागम नाम दिया गया है। मीडिया प्रभारी नेमीचंद जैन ने बताया कि पर्व के दौरान पसुबह सामूहिक रूप से पं जय कुमार शास्त्री के निर्देशन में प्रतिदिन की भांति भगवान का 1008 कलश से अभिषेक व शांतिधारा की गई। इसके बाद जहाज मंदिर की परिक्रमा कर जुलुस निकाला गया। जिसमें ताड़पत्रों पर हस्तलिखित शास्त्र, समयसार, पाहुड ग्रंथ को मस्तक पर धारण कर जिनवाणी माता का जयकारे लगाए गए व पुनः मंदिर मे प्रवेश किया।



