Jahazpur News 7 अगस्त (मोहम्मद आजाद नेब) प्रस्तावित 150 बेड के उप जिला अस्पताल को लेकर चल रहे विवाद के बीच विधायक गोपीचंद मीणा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि पुराना अस्पताल बंद नहीं होगा और वर्तमान चिकित्सा सुविधाएं यथावत रहेंगी।
नए अस्पताल के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाएं घटेंगी नहीं, बल्कि उनका विस्तार होगा। विधायक ने बताया कि करीब 30 बीघा भूमि पर 44 करोड़ रुपए की लागत से तीन मंजिला 150 बेड का आधुनिक अस्पताल प्रस्तावित है। उन्होंने चयनित भूमि को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों को निराधार बताते हुए कहा कि अस्पताल पूरे विधानसभा क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों के लिए उपयोगी होगा। कॉन्फ्रेंस से पहले चिकित्सा विभाग की टीम ने मेडिकल वेस्ट के निस्तारण और ट्रीटमेंट प्लांट की जानकारी दी। मीणा ने बताया कि नए अस्पताल में एसटीपी के पांच टैंक का ट्रीटमेंट प्लांट होगा तथा मेडिकल वेस्ट को वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित कर रिसाइक्लिंग के लिए अजमेर भेजा जाएगा।
अस्पताल तक पहुंच आसान बनाने के लिए नागदी नदी के घुमावदार मार्ग को पहाड़ी काटकर सीधा करने, जालमपुरा चौराहे से भवानीपुर चौराहे तक रिंग रोड बनाने और वर्तमान फोरलेन मार्ग को सीधा करने की योजनाओं की भी जानकारी दी गई। उन्होंने नागदी नदी के सौंदर्यीकरण के साथ अस्पताल के सामने करीब 50 बीघा में श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्यान विकसित करने तथा हाईवे के पास 25 बीघा भूमि पर दुकानें व व्यावसायिक परिसर विकसित करने की योजना बताई। इससे रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई। मीणा ने घूमचा क्षेत्र में स्टेडियम के समीप करीब 450 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक रोडवेज बस स्टैंड प्रस्तावित होने की भी जानकारी दी। वहीं वरिष्ठ नागरिक मंच के ओम सोनी ने कहा कि अस्पताल को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने चार-पांच दिन में प्रस्तावित अस्पताल को निरस्त नहीं किया तो 11 अगस्त को जहाजपुर बंद रखा जाएगा। विधायक की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद दोनों पक्षों के तर्क सामने आने से अस्पताल का मुद्दा और गरमा गया है। विधायक ने कहा कि नए अस्पताल को लेकर किसी भी प्रकार की आशंका या भ्रम की स्थिति नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अस्पताल निर्माण के साथ क्षेत्र में सड़क, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं को भी विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रस्तावित योजनाओं से जहाजपुर के शहरी विस्तार को गति मिलने और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी लाभ पहुंचने की उम्मीद जताई गई। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य जहाजपुर को बेहतर चिकित्सा एवं नागरिक सुविधाओं से जोड़ना है।
दूसरी ओर आंदोलन समिति अपनी मांग पर कायम है और अस्पताल के प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग कर रही है। ऐसे में अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम और 11 अगस्त को प्रस्तावित जहाजपुर बंद पर टिकी हैं।
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