Thursday, April 16, 2026
No menu items!
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeAdministrationजिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ली बैठक

जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ली बैठक

आचार संहिता के निर्देश व कानून बताएं


Desk News 17 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। इसे लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. सौम्या झा ने जिले के सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक लेकर आदर्श आचार संहिता की पालना करवाने को लेकर चर्चा की।

इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी चुनाव तिथियों के मुताबिक टोंक-सवाईमाधोपुर लोकसभा सीट के लिए 26 अप्रैल को मतदान होगा। टोंक जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों में 1130 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। सभी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए आवश्यक सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसे लेकर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में जिला परिषद के पुराने भवन में इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। आचार संहिता के उल्लंघन संबंधी शिकायत सी-विजिल एप और हेल्पलाइन नं 1950 व कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 01432-247401 पर की जा सकती है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के दौरान राजनैतिक प्रचार के लिए सरकारी वाहनों के उपयोग पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा।

Read – सरकारी कर्मचारी चुनाव में निष्पक्ष होकर करें काम, जिला निर्वाचन अधिकारी ने जारी किए निर्देश

बिना स्वीकृति केे निजी वाहनों (राजनैतिक प्रचार-प्रसार), लाउडस्पीकर, राजकीय गेस्ट हाउस, डाक बंगला का उपयोग नहीं किया जाएगा। धारा 144 सीआरपीसी, कोलाहल अधिनियम से संबंधित आदेशों की पालना सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी सरकारी वाहन, भवन का उपयोग राजनैतिक कार्य के लिए नहीं करें। मतदाता एवं आम नागरिकों को प्रलोभन के लिए नकदी, शराब, ड्रग्स, बहुमूल्य धातु, मुफ्त सामग्री आदि का वितरण नहीं किया जाए। राजनैतिक दल किसी भी रूप में (चुनाव अभियान, रैली, पोस्टर, पंपलेट वितरण, नारेबाजी, चुनावी बैठक आदि) बच्चों को शामिल नहीं करें। किसी भी धार्मिक स्थल को भाषण, पोस्टर, संगीत आदि या निर्वाचन संबंधी कार्यों सहित निर्वाचन प्रचार के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाए। वहीं ऐसी कोई भी गतिविधि आयोजित नहीं करें, जिससे विभिन्न जातियों, समुदायों, धार्मिक एवं भाषायी समूहों के बीच मौजूदा मतभेद बढ़ सकते हो।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

%d