Deoli News 27 अक्टूबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) दीवाली की तिथि को लेकर इस वर्ष लोगों में काफी भ्रम है। दरअसल दीपावली ऐसा त्योहार है जिसका सभी को बेसब्री से इंतजार रहता है। वहीं दीपावली पूरे 5 दिन का उत्सव है, जो कि धनतेरस से लेकर भाई दूज तक मनाया जाता है।
लेकिन लोगों के बीच में लगातार असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वैदेही, ऋषिकेश और विश्वविद्यालय पंचांग के अनुसार दीपावली का पर्व 31 अक्टूबर को सर्वसम्म्मत रूप से मनाया जाना चाहिए। वहीं धनतेरस कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाई जाती है। इस साल धनतेरस 29 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इस दिन सोने चांदी के आभूषण, नए बर्तन खरीदने की परंपरा बरसों से चली आ रही है। धनतेरस का पर्व भगवान धनवंतरी की जयंती के रूप में मनाया जाता है। वहीं इस दिन धन के देवता कुबेरजी के साथ ही धन की देवी मां लक्ष्मी और गणेशजी की पूजा की जाती है। धनतेरस पर घर में नई झाड़ू और धनिया लाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर पूरे साल धन समृद्धि बढ़ाती है। जानकारी के मुताबिक टोंक में भी 31 अक्टूबर को ही दीपावली मानी जा रही है।
श्रीगोपाल धणी मंदिर नासिरदा 31 अक्टूबर लक्ष्मी पूजन
नासिरदा केसरी गोपाल धणी मंदिर में 31 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजन किया जाएगा। जबकि 2 नवंबर अन्नकूट महाउत्सव गोवर्धन पूजा मनाया जाएगा।आगामी कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी संपूर्ण रात्रि अमावस्या गुरुवार विक्रम संवत 2081, 31 अक्टूबर को दीपावली महापर्व मनाया जाएगा। मंदिर महंत गोपालदास ने बताया कि ऋषिकेश पंचांग काशी विश्वनाथ ज्योतिषी विद्वान द्वारा एवं स्थानीय पं प्रदीप शर्मा के द्वारा विचार विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि सोमवार को रमा एकादशी, मंगलवार प्रदोष व्रत, धनतेरस धनवंतरी प्रकट, बुधवार त्रयोदशी, चतुर्दशी यमदीप दान, गुरुवार नरक चतुर्दशी अमावस्या रात्रिकालीन लक्ष्मी पूजन एवं शनिवार को मंदिर में भगवान को अन्नकूट महाप्रसाद का भोग लगाया जाएगा।
Disclaimer
दैनिक ब्यूरो ने यह समाचार केवल भ्रम की स्थिति को दूर करने के लिए किया है। फिर भी कई लोग एक नवंबर को भी दिवाली मान रहे हैं। आमजन अपनी अपनी मान्यता को महत्व दे सकता है।


