पंचों ने दिया बराबरी का संदेश
Deoli News 10 अगस्त (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) घाड़ कस्बे में बेटा-बेटी के बीच भेदभाव मिटाने की दिशा में पहल सामने आई है। दरअसल गत दिनों मनोज कुमार रेगर के निधन के बाद उनके कोई पुत्र नहीं होने पर उनकी मां निर्मला देवी और घाड़ गांव के पंचों ने उनकी नन्ही बेटी रोहिणी को पिता की पगड़ी रस्म निभाने का अधिकार दिया।
परंपरागत रूप से यह रस्म परिवार का बड़ा बेटा निभाता है, लेकिन पंचों ने परंपरा से आगे बढ़कर रोहिणी को यह जिम्मेदारी सौंपी। रस्म के दौरान मासूम रोहिणी को उसके पिता की पगड़ी पहनाई गई। वहीं मनोज कुमार की दूसरी बेटी कनक भी है। समाज के पंचों के इस निर्णय को बेटियों को बेटों के समान अधिकार देने और लैंगिक भेदभाव की सोच बदलने की दिशा में अहम है। इस पहल ने संदेश दिया कि बेटी भी परिवार की जिम्मेदारियां निभाने में सक्षम है और उन्हें बेटे से कम नहीं समझना चाहिए।



